कडू नाला हादसे ने उजाड़े 13 परिवार, पिता-पुत्र की मौत से घीसल गांव में पसरा मातम

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Kadu Nala tragedy devastates 13 families

पांगी। Kadu Nala tragedy devastates 13 families, किसी को क्या पता था कि घर लौटने का सफर आखिरी सफर बन जाएगा। कुल्लू से लौट रहे पांगी के 13 लोग लाहुल के कडू नाला में आए भीषण भूस्खलन की चपेट में ऐसे आए कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते 13 घरों के चिराग बुझ गए।

सबसे दर्दनाक मंजर घीसल गांव में देखने को मिला, जहां पिता और 14 वर्षीय बेटे की एक साथ मौत ने पूरे गांव को गम में डुबो दिया। अब बूढ़े माता-पिता के सिर से इकलौते बेटे का साया उठ गया है, जबकि दो मासूम बच्चों के सिर से पिता का हाथ हमेशा के लिए छिन गया।

जिला चंबा के जनजातीय उपमंडल पांगी से कुल्लू की ओर गए लोगों के लिए शुक्रवार का दिन काल बनकर आया। लाहुल के उदयपुर-किलाड़ मार्ग पर कडू नाला के समीप हुए भीषण भूस्खलन में टैक्सी सवार पांगी घाटी के 13 लोगों की मौत हो गई। हादसे में 12 मृतकों की पहचान कर ली गई है, जबकि एक शव की पहचान की प्रक्रिया जारी थी।

इस दर्दनाक हादसे ने पांगी घाटी ही नहीं, बल्कि पूरे चंबा और लाहुल-स्पीति क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। सबसे मार्मिक दृश्य पांगी की ग्राम पंचायत घीसल में देखने को मिला। यहां वीर सिंह और उनके 14 वर्षीय पुत्र सौरभ सिंह की एक साथ मौत से पूरा गांव गमगीन है।

सुबह जिस पिता ने बेटे के साथ घर से सफर शुरू किया था, शाम तक दोनों की मौत की खबर पहुंच गई। परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूटा है, जिसकी भरपाई कभी संभव नहीं हो सकेगी। वीर सिंह परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके निधन के बाद वृद्ध माता-पिता सुरम चंद और उनकी पत्नी के सामने जीवन का सबसे बड़ा सहारा छिन गया है।

वहीं, वीर सिंह अपने पीछे पत्नी के अलावा छठी और चौथी कक्षा में पढ़ने वाले दो मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। हादसे की खबर मिलते ही पूरी पांगी घाटी में मातम छा गया। मृतकों के घरों में चीख-पुकार मच गई और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोग बड़ी संख्या में पीड़ित परिवारों के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन से मांग की है कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता, उचित मुआवजा और हरसंभव प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। लोगों का कहना है कि इस हादसे ने कई परिवारों से उनके कमाने वाले सदस्य छीन लिए हैं, इसलिए प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए विशेष सहायता पैकेज दिया जाना चाहिए।